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No to All Taxes in India except 1 Tax of 2% BTT

आपको मैं सीधे और आसान भाषा में समझाने की कोशिश करूँगा. भारत का सालाना बजट है 14 लाख 90 हज़ार करोड़ रूपये ( http://indiabudget.nic.in/glance.asp ) मोटा मोटा 15 लाख करोड़ रूपये मान लेते हैं. जो टैक्स से और नॉन टैक्स से आता है. हम मान लेते हैं सारा का सारा टैक्स से ही आता है.  हमारा प्रस्ताव:-  (भारत के सब तरह के टैक्स ख़तम सिवाय कस्टम और इम्पोर्ट ड्यूटी के) 2% बैंकिंग Transaction टैक्स (हर जमा राशी पर) कैश जमा रूपये 2000 तक टैक्स माफ़  करेंसी नोट ज्यादा से ज्यादा रूपये 50 का. फायदे सोचिये:- नुक्सान बताइए :- आखरी महत्वपूर्ण सवाल की ये 15 लाख करोड़ टैक्स ख़तम तो कर दिया, देश को चलने के लिए पैसा कहाँ से आएगा. अब समझिये. ये रिपोर्ट है RBI की   http://rbidocs.rbi.org.in/rdocs/ECB/docs/RTD05012013F.xls   इस रिपोर्ट में RTGS यानि 2 लाख से अधिक अमाउंट का बैंक ट्रान्सफर की डिटेल है जनवरी २०१३ की. इसके अनुसार 58002 *100(१ बिलियन में 100 करोड़ होते हैं) यानि (58,00,200) करोड़ रूपये की इनवर्ड एंट्री हुई, और इतने ही पैसे की आउटवर्ड. लाइन नंबर 159 देखें. हम मान ले की बस येही है...

Tax free New Indian Economic System

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Bhushan Panchbhai सारे टैक्स माफ कर दें तो आएगी क्रांति! प्रणव प्रियदर्शी Friday August 31, 2012 लंबे अर्से बाद उस दिन अतुल देशमुख से मुलाकात हुई। नागपुर के रहने वाले अतुल पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं। उनके साथ औरंगाबाद के अनिल बोकिल भी थे। अनिल से मेरी यह पहली मुलाकात थी। पता चला दोनों बाबा रामदेव से मिलने दिल्ली आए हैं (जो उन दिनों रामलीला मैदान में डटे हुए थे)। बाबा से मिलने की कोई खास वजह? आजकल हम हर उस शख्स से मिल रहे हैं जो हमारी अर्थ क्रांति के प्रस्तावों से सहमत हो सकता है और उसे आगे बढ़ाने में मददगार हो सकता है। जवाब अतुल ने दिया, लेकिन अनिल बोकिल भी उसमें शामिल थे। अब यह अर्थक्रांति क्या बला है? अब तक तरह-तरह की क्रांतियों के नाम सुन-सुनकर कान पक चुके हैं। टीम अन्ना भी अनशन के ताजा दौर को जारी नहीं रख सकी अनशन समाप्त करने के लिए क्रांति की घोषणाओं की ही आड़ ली। बाबा रामदेव भी कोई न कोई क्रांति ही करने वाले हैं। अब आप यह नई अर्थ क्रांति लेकर आए हैं। क्या है इसमें और क्यों सुनूं मैं? आप तो इसलिए सुनेंगे क्योंकि देश और समाज की जो मौजूदा दशा और दिशा है उससे आप असंतुष्ट हैं। दूस...