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मुल्ले इसाई व् यहूदी सब एक ही हैं अधर्मी

चिरकाल से ही सत्य सिर्फ एक है। सत्य वोही जिसको सब माने। सत्य में कोई मत हो ही नही सकता। जैसे सूर्य रौशनी देते हैं यह एक सत्य है। ऑक्सीजन से हम जीते हैं भोजन हम सबको चाहिए पानी भी उसी प्रकार शुरू से ही धर्म एक ही है। दूसरा कुछ जैसे सत्य के खिलाफ झूठ होता है वैसे ही धर्म के खिलाफ अधर्म है। धर्म क्या है ? प्रकृति के नियम का पालन करना ही धर्म है। अधर्म इसके विपरीत। सनातन धर्म में हिन्दू , सिख, बौध, जैन आते हैं अधर्म में मुस्लिम, यहूदी, व् इसाई आते हैं क्या आप जानते हो यहूदी , इसाई और मुसलमान एक ही हैं ? जैसे हिन्दू सिख जैन और बौध एक हैं । कुछ उदाहरण ले लेते हैं हमारे यहाँ जलाते हैं इनके यहाँ दफनाते हैं हमारे यहाँ पुनर्जन्म इनके यहाँ एक ही जन्म हमारे यहाँ नारी की पूजा इनके यहाँ भोग की वस्तु हमारे यहाँ कोई भी भगवान सब एक हैं इनके यहाँ इनका ही अपना भगवान हैं बाकी सब तो काफ़िर इत्यादि हैं हमारे यहाँ  मांस नही खाते इनके यहाँ अधर्म के अनुसार मांस काटना एक त्यौहार है। पहले जो राक्षस पिशाच होते थे उनके सिंग बड़े लम्बे दांत डरावना चेहरा होता था क्या ? जो सनातन धर्म के देवी देवता हैं या सिखों के ग...

शिया और सुन्नी

सुन्नी सऊ‚दी और शिया इराक के बीच खींचतान, ईरान की कूटनीतिबढ़ती शिया ताकत से भयभीत अरब राष्ट्र - मुजफ्फर हुसैन इस्लाम की छतरी तले मुस्लिम राष्ट्र कितनी ही एकता का स्वर बुलंद करें लेकिन दुनिया जानती है कि इन मुस्लिम देशों में अनेक प्रकार की भिन्नताएं हैं। दुनिया में जितने भी मुस्लिम राष्ट्र हैं उनमें ईरान को छोड़कर सभी सुन्नी पंथी हैं, ईरान एकमात्र शिया देश है। जहां तक इराक की जनसंख्या का सवाल है वहां 55 प्रतिशत शिया हैं लेकिन फिर भी वह सुन्नी देश कहलाता है। वहां की सरकार पर हमेशा से सुन्नी प्रभावी रहे हैं। इराक के 45 प्रतिशत सुन्नियों से वहां के शियाओं का कभी संघर्ष नहीं रहा। उन्होंने इराक को शिया देश बनाने की कोशिश भी नहीं की। दिलचस्प बात यह है कि इमाम खुमैनी के समय में 1978 से 80 तक इराक और ईरान के बीच भीषण युद्ध होता रहा जिसका नेतृत्व सद्दाम हुसैन करते रहे। अंतत: ईरान के शासकों ने एकपक्षीय युद्धविराम की घोषणा करके इराक से हार स्वीकार कर ली। संक्षेप में कहना हो तो पंथ के आधार पर इराक की राष्ट्रीयता में कोई बदलाव नहीं आया। बाद के दिनों में ऐसे समीकरण बदले कि जिस अमरीका की सहायता से इरा...

भारत पर मुस्लिम आक्रमण

युगों पूर्व हिरण्याक्ष नामक असुर ने धरती को रसातल मे डुबो दिया था , तब धरती को पाताल से मुक्त करने हेतु भगवान् वाराह ने हिरण्याक्ष का वध किया और धरती को पाताल से बाहर निकाल कर उसका उद्धार किया ,जिसप्रकार वे धरती के रक्षक कहलाये ।  यही एक कारण था ,की प्रतिहार शासक आदिवाराह नाम से जाने लगे ,उनकी राजमुद्रा पर भी वराह का रूप अंकित उन्होंने करवाया क्योंकि वे भी भगवान् वाराह की तरह हिन्दुभूमि को म्लेच्छो के काल-पाश में जाने से बचा पाए थे ,और म्लेच्छो के अधिकार में गयी हुयी भूमि को उनसे वापस छीन कर उसका उद्धार करने में सफल हो पाए थे । इस्लाम की स्थापना तथा अरबो का रक्तरंजीत साम्राज्यविस्तार सम्पूर्ण विश्व के लिए एक भयावह घटना है , मोहम्मद पैगम्बर के मृत्यु के बाद अरबो का अत्यंत प्रेरणादायी रूप से समरज्यिक उत्थान हुआ| १०० वर्ष भीतर ही उन्होंने पश्चिम में स्पेन से पूर्व में चीन तक अपने साम्राज्य को विस्तारित किया। वे जिस भी प्रदेश को जित ते वहा के लोगो के पास केवल दो ही विकल्प रखते, या तो वे उनका धर्म स्वीकार कर ले या मौत के घाट उतरे|उन्होंने पर्शिया जैसी महान संस्कृतियों ,सभ्यताओं,शिष्टाचारो क...

इराक इतिहास तारीखों से

प्राचीनतम सभ्यताओं में से एक इराक़ के इतिहास से जुड़ी महत्वपूर्ण घटनाओं का सिलसिलेवार ब्यौरा. 1534-1918  - इराक़ ऑटोमन साम्राज्य का हिस्सा. 1914-1918  - प्रथम विश्व युद्ध. 1917  - बगदाद पर ब्रिटेन का कब्ज़ा 1920  - लीग ऑफ नेशन्स की सहमति के बाद ब्रिटेन ने इराक़ का गठन किया. 1920  - महान इराक़ी क्रांति, ब्रिटिश शासन के खिलाफ विद्रोह. 1921  - मक्का के शरीफ हुसैन बिन अली के बेटे फैसल का इराक़ का पहला बाद बादशाह बनना. इराक़ का उदय 1932  - इराक़ का स्वतंत्र राष्ट्र बनना. 1939-45  – द्वितीय विश्व युद्ध, इराक़ पर फिर से ब्रिटेन का कब्ज़ा. 1958  – ब्रिगेडियर अब्दुल अल करीम कासिम की अगुआई में सैन्य विद्रोह में राजशाही का खात्मा. इराक़ गणतंत्र घोषित. 1963  – अरब सोशलिस्ट बाथ पार्टी (एएसबीपी) ने नेतृत्व में विद्रोह में प्रधानमंत्री कासिम का सत्ता छोड़ना. आरिफ राष्ट्रपति बने. 1963  – आरिफ ने खुद ही कुछ अधिकारियों को साथ मिलाकर बाथ पार्टी की सरकार गिरा दी. 1966  – 13 अप्रैल को एक हेलिकॉप्टर दुर्घटना में आरिफ के मारे जाने के बाद उनके बड़े भाई मेजर जनरल अब्द-अल रहमान मुहम्मद आरिफ देश के राष्ट्रपति बन...

अल्पसंख्यक आरक्षण शिक्षा और मुसलमान

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मुसलमान अल्पसंख्यक नही हैं, अल्पसंख्यक तो पारसी हैं। मुसलमान को आरक्षण नही, शिक्षा की जरुरत है। नजमा हेपतुल्ला। अल्पसंख्यक मुद्दे विभाग भारत सरकार। वन्दे मातरम

मुस्लिम की असलियत

http://ajeetloveskuraan.blogspot.in/ प्राचीनतम इतिहास … श्री राम के द्वारा मुस्लिम की असलियत  मै काफी दिन से इस्लाम को समझने की कोशिस कर रहा था … की आखिर ये क्या है …ये कोई धर्म है या मत या कोई …. कुछ और ? लेकिन एक बात मुझे ज्यादा परेशन करती थी इनका हर काम हिन्दू धर्म के विपरीत करने का …. मुझे हमेशा से जिज्ञासा बनी रहती थी … इसको जानने की … और इसको जानने के लिए कभी किसी का लेख तो कभी इस्लाम की धार्मिक पुस्तकों को पढता था ..लेकिन कभी सही उत्तर नहीं मिला …. कोई कुछ कहता तो कोई कुछ हर एक के अपने अलग विचार ..हा कुछ बाते जरुर सामान होती थी ..यदि मै किसी मुस्लिम दोस्त से पूछता तो .. इस्लाम को पुराण धर्म बताता था … एक दिन किसी ने कुछ सबाल रामचरित्र मानस से पूछा जिसका उत्तर के लिए मुझे रामचरित्र मानस पढनी पढ़ी … और साथ में वाल्मीकि रामायण भी ………… कहते है राम उल्टा का नाम लेने से वाल्मीकि जी डाकू से ऋषि बन गए .. क्युकि राम से बड़ा राम का नाम ये ही बात सिद्ध होती है यदि आप इतिहास उठा कर देखे तो .. मुगलों से लेकर अंग्रेजो को भागने में राम का नाम ही काम आया है … राम नाम ही चमत्कार था की पत्थर भी प...

भारत में मुस्लिम इतिहास और योगदान

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मुहम्मद बिन कासिम से बहादुरशाह जफ़र तक के ११०० वर्षीय कालखंड में अरब, तुर्क, ईरान, अफगान, इराक, कजाक, और उज़बेक ने भारत पर आक्रमण किया था और शासन किया था. क्या भारत को लूटना, इस देश के भवनों को ध्वस्त करना, इस देश के मंदिरों को मस्जिदों व् मकबरों में परिवर्तित करना, यहाँ के महिलायों पर बलात्कार करना, अन्य बाहरी देशो में गुलाम के रूप में यहाँ के बालक और बालिकाओं को उपहरण करके बेचना, तथा पुरुषो की सैकड़ो की संख्या में हत्या करना... क्या ये योगदान हो सकता है ??? भारतीय महिलाओं ने लगभग प्रत्येक आक्रमण के समय जौहर क्यूँ किया ?? क्या वो सिर्फ मजाक था ??? ये सभी आक्रमणकारी अवांछनीय और बिना बुलाये मेहमान थे. एक साधारण सा उदहारण लेते हैं, एक डाकुओं और लुटेरों का दल किसी गाँव पर हमला करे, उसकी दौलत को लूटकर, औरतों पर बलात्कार कर, पुरुषों की हत्या कर, बच्चे बचियों का उपहरण करके दुसरे शहर में बेच देना, उनके धर्म के मंदिरों को तोड़कर अपने धर्म की जबरदस्ती पूजा करवाना, लोगों का धर्मान्तरण करवाना, क्या ये सब डाकुओं का योगदान होगा उस गाँव के प्रति ??? क्या उनके इस अदितीय योगदान के लिए उनको आप प्रशस्ति पात...

क्या इस्लाम धर्म है ? या एक और मत ???

मुसलमान कहते हैं कुरान ईश्वरीय वाणी है तथा यह धर्म अनादि काल से चली आ रही है,परंतु इनकी एक-एक बात आधारहीन तथा तर्कहीन हैं-सबसे पहले तो ये पृथ्वी पर मानव की उत्पत्ति का जो सिद्धान्त देते हैं वो हिंदु धर्म-सिद्धान्त का ही छाया प्रति है. हमारे ग्रंथ के अनुसार ईश्वर ने मनु तथा सतरूपा को पृथ्वी पर सर्व-प्रथम भेजा था.. इसी सिद्धान्त के अनुसार ये भी कहते हैं कि अल्लाह ने सबसे पहले आदम और हौआ को भेजा. ठीक है…पर आदम शब्द संस्कृत शब्द “आदि” से बना है जिसका अर्थ होता है-सबसे पहले. यनि पृथ्वी पर सर्वप्रथम संस्कृत भाषा अस्तित्व में थी..सब भाषाओं की जननी संस्कृत है ये बात तो कट्टर मुस्लिम भी स्वीकार करते हैं..इस प्रकार आदि धर्म-ग्रंथ संस्कृत में होनी चाहिए अरबी या फारसी में नहीं. इनका अल्लाह शब्द भी संस्कृत शब्द अल्ला से बना है जिसका अर्थ देवी होता है .एक उपनिषद भी है “अल्लोपनिषद“. चण्डी, भवानी, दुर्गा, अम्बा, पार्वती आदि देवी को आल्ला से सम्बोधित किया जाता है. जिस प्रकार हम लोग मंत्रों में “या” शब्द का प्रयोग करते हैं देवियों को पुकारने में जैसे “या देवी सर्वभूतेषु….”, “या वीणा वर ….”वैसे ही मुसलमा...