26 जनवरी गणतंत्र दिवस की सच्चाई
गणतन्त्र दिवस भारत का एक राष्ट्रीय पर्व जो प्रति वर्ष २६ जनवरी को मनाया जाता है। इसी दिन सन १९५० को भारत का संविधान लागू किया गया था।
एक स्वतंत्र गणराज्य बनने और देश के संक्रमण को पूरा करने के लिए, 26 नवम्बर 1949 को भारतीय संविधान सभा द्वारा इस संविधान को अपनाया गया और 26 जनवरी 1950 को इसे एक लोकतांत्रिक सरकार प्रणाली के साथ लागू किया गया था। 26 जनवरी को इसलिए चुना गया था क्योंकि 1930 में इसी दिन भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने भारत को पूर्ण स्वराज घोषित किया था।
संविधान कौनसा ?
किसने लिखा ?
किसके कहने पर ?
किसने लिखा ?
किसके कहने पर ?
जब अंग्रेज भारत पर राज्य चलाते थे तब उन्होंने भारत को गुलाम बनाये रखने के लिए बहुत से नियम कानून बनाये जिनमे
पुलिस कानून
इनकम टैक्स कानून (लगभग सभी टैक्स के कानून)
न्याय व्यवस्था
शिक्षा व्यवस्था
संसद व्यवस्था
यहाँ तक की जो हमारा संविधान है वो 1935 में भारतीय आज़ादी एक्ट की ही कॉपी है ।
पुलिस कानून
इनकम टैक्स कानून (लगभग सभी टैक्स के कानून)
न्याय व्यवस्था
शिक्षा व्यवस्था
संसद व्यवस्था
यहाँ तक की जो हमारा संविधान है वो 1935 में भारतीय आज़ादी एक्ट की ही कॉपी है ।
आंबेडकर ने कोई न्या संविधान नही बनाया था
कॉपी पेस्ट करके उसको दुरुस्त किया था
कॉपी पेस्ट करके उसको दुरुस्त किया था
बाद में स्वयं आंबेडकर ने कहा था की मैं इस संविधान को फाड़कर फेकना चाहता हूँ ।
यानि आज़ादी से पहले के सभी नियम कायदे कानून और सभी व्यवस्थाएं
आज़ादी (नकली दिखावटी) के बाद भी ऐसे ही लागु हैं ।
आज़ादी (नकली दिखावटी) के बाद भी ऐसे ही लागु हैं ।
कुछ एक मामूली बदलाव किये गए जो की अंग्रेज भी होते तो करते ही क्योंकि जो भी चीज बनती है वो समय के साथ ही सुधरती जाती है ।
अब आप ही बताये की क्या हम आज़ाद हैं ?
क्या हम मौजूद अंग्रेजी व्यवस्था से खुश हैं ?
क्यों हम सब पर यह गुलामो वाली व्यवस्था लागु की गयी ?
क्या हम मौजूद अंग्रेजी व्यवस्था से खुश हैं ?
क्यों हम सब पर यह गुलामो वाली व्यवस्था लागु की गयी ?
क्या यह भारत की जनता द्वारा, जनता के लिए, जनता का अपना संविधान या पूर्ण व्यवस्था है ?
अगर नही तो क्यों न हम बहिष्कार करें इन सभी अंग्रेजी व्यवस्थाओ का और ऐसी व्यवस्था बनवाएँ जो की भारत की जनता द्वारा बनाई जाये
भारत की जनता के हित के लिए हो
भारत की जनता की अपनी हो ।
अगर नही तो क्यों न हम बहिष्कार करें इन सभी अंग्रेजी व्यवस्थाओ का और ऐसी व्यवस्था बनवाएँ जो की भारत की जनता द्वारा बनाई जाये
भारत की जनता के हित के लिए हो
भारत की जनता की अपनी हो ।
पूर्ण असहयोग सभी व्यवस्थाओ में
सबसे ज्यादा असर होगा जब सरकार का राजस्व बन्द होगा तब वो सुनेगी ।
न कोई कर टैक्स दो
न कोई इनके बनाये स्कूल में जाओ
न कोई कोर्ट में जाये
न कोई पुलिस में जाए
सबसे ज्यादा असर होगा जब सरकार का राजस्व बन्द होगा तब वो सुनेगी ।
न कोई कर टैक्स दो
न कोई इनके बनाये स्कूल में जाओ
न कोई कोर्ट में जाये
न कोई पुलिस में जाए
हमे हमारा संविधान चाहिए हमे हमारी अपनी नई और बेहतर व्यवस्था चाहिए ।
कर की व्यवस्था के लिए अर्थक्रान्ति टैक्स सिस्टम हमारा अपना है भारतीय द्वारा बनाया गया।
ऐसे ही अन्य कई व्यवस्था हमे बनानी हैं ।
कर की व्यवस्था के लिए अर्थक्रान्ति टैक्स सिस्टम हमारा अपना है भारतीय द्वारा बनाया गया।
ऐसे ही अन्य कई व्यवस्था हमे बनानी हैं ।
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