1 जनवरी जीसस क्राइस्ट के खतने का दिन

1 जनवरी यानि जीसस क्राइस्ट के खतने का दिन।

क्या आप भी इस खतने के दिवस को नव वर्ष के रूप में मनाते हो ?
मुर्ख दिवस है 1 जनवरी
हमारा नव वर्ष प्रकृति के साथ शुरू होता है जब सभी वृक्ष भी नए पत्ते धारण करती हैं। हर तरफ सब कुछ नया नया प्रतीत होता है । वही नव वर्ष जो करोड़ो वर्षों से सनातन धर्म के हिन्दू संस्कृति के लोग मनाते आये हैं
हिन्दू केलिन्डर जिसको पंचांग कहते हैं ।
चीन विश्व का सबसे ज्यादा जनसंख्या वाला देश ईसाई नही है और न ही ईसाईयों का नव वर्ष 1 जनवरी मनाता है वह अपना नव वर्ष मनाता है ।
भारत के मानसिक गुलाम लोग ही हैं जो ईसाइयो का नव वर्ष मनाते हैं और अपना साइंटिफिक प्राकृतिक नव वर्ष को अप्रैल फूल मनाते हैं ।
क्या आप भी अंग्रेजो के गुलाम हैं मानसिक रूप से ?
फिर आप मुर्ख हैं और 1 जनवरी मनाने वाला हर व्यक्ति (जो ईसाई नही) वह महामूर्ख है ।
बेगानी शादी में अब्दुल्ला दीवाना ।
पूरा विश्व हिन्दू नव वर्ष को ही मनाता था। लेकिन ईसाईयों ने हिन्दू नव वर्ष को अप्रैल फूल day घोषित कर 1 जनवरी को जबरन नव वर्ष घोषित किया।
क्या आप जानते हैं ?
जानने के बाद आपको क्या करना चाहिए ??
निचे दिए लिंक को पूरा पढ़ें।
जैसे 1 advertisement बार बार दिखाने से याद हो जाती है
उसी प्रकार यह असली इतिहास प्रतिदिन सभी को भेजें बार बार। ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग जागरूक हो इस नव वर्ष की सच्चाई के बारे में ।
जानिये असली इतिहास
वंदेमातरम् ।
नया साल किसने बनाया और कैसे ? http://bharatsamachaar.blogspot.com/2014/12/blog-post_30.html

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