Aap kisko vote denge ? आप किसको वोट देंगे ?
देश में कांग्रेस पार्टी के चाहने वालों की कमी तो शायद सब महसूस करते हैं लेकिन जब उनसे पूछो की आप किसको वोट देंगे तो जवाब बड़े अजीब अजीब से मिलते हैं. कोई अभी भी कांग्रेस का ही भक्त है, कुछ लोग मोदी जी को वोट देने के लिए खड़े हैं, और एक नयी पार्टी AAP जिसके नेता केजरीवाल हैं वो युवाओं को और देश को विकल्प देने की बातों पर ज़ोर देकर सत्ता हासिल करने की दौड़ में लगे हैं.
हम सब को अपना वोट देते समय ये भी सोचना होगा की हमारा वोट कहीं किसी गलत पार्टी को वापस सत्ता में लाकर ना खड़ा कर दे. इसके लिए जरूरी है की आप इन बातों पर विचार करे.
१ आपके अनुसार २०१४ की लोकसभा में इन तीनो पार्टियों में से क्या कोई भी पार्टी अकेले बहुमत सिद्ध कर पायेंगे ?
२ क्या अगर बहुमत किसी एक पार्टी को नहीं मिला तो गठबंधन होगा ? किस किसका गठबंधन हो सकता है ? कांग्रेस और बीजेपी का ? नहीं
कांग्रेस और AAP का ? हुआ दिल्ली में ....
बीजेपी और AAP का ? शायद कभी नहीं
जो गठबंधन होगा क्या वो बहुमत ला पायेंगे, क्या बिना दोनों पुरानी पार्टियों के बिना कोई बहुमत साबित हो पायेंगे ?
३ अब सवाल आता है की हम क्या कर सकते हैं ? क्या हम कुछ कर सकते हैं ?
तो हम अगर थोड़ा ध्यान से समझे तो हमको बहुत कुछ समझ आएगा
जैसे AAP और बाबा रामदेव दोनों, ये दोनों अगर व्यवस्था परिवर्तन की ही बात करते हैं तो क्यूँ अलग हैं ?
कौन है इन दोनों के अलग होने का कारन ?
क्या AAP पार्टी में कोई कमी है जो रामदेव नहीं जुड़ना चाहते ?
क्या रामदेव में कोई कमी है तो केजरीवाल की AAP नहीं जुड़ना चाहती ?
इन सभी सवालों के जवाब आपको मिल सकते हैं अगर आप सोचें नीचे दिए हुए सवालों के बारे में.
हम सब को अपना वोट देते समय ये भी सोचना होगा की हमारा वोट कहीं किसी गलत पार्टी को वापस सत्ता में लाकर ना खड़ा कर दे. इसके लिए जरूरी है की आप इन बातों पर विचार करे.
१ आपके अनुसार २०१४ की लोकसभा में इन तीनो पार्टियों में से क्या कोई भी पार्टी अकेले बहुमत सिद्ध कर पायेंगे ?
२ क्या अगर बहुमत किसी एक पार्टी को नहीं मिला तो गठबंधन होगा ? किस किसका गठबंधन हो सकता है ? कांग्रेस और बीजेपी का ? नहीं
कांग्रेस और AAP का ? हुआ दिल्ली में ....
बीजेपी और AAP का ? शायद कभी नहीं
जो गठबंधन होगा क्या वो बहुमत ला पायेंगे, क्या बिना दोनों पुरानी पार्टियों के बिना कोई बहुमत साबित हो पायेंगे ?
३ अब सवाल आता है की हम क्या कर सकते हैं ? क्या हम कुछ कर सकते हैं ?
तो हम अगर थोड़ा ध्यान से समझे तो हमको बहुत कुछ समझ आएगा
जैसे AAP और बाबा रामदेव दोनों, ये दोनों अगर व्यवस्था परिवर्तन की ही बात करते हैं तो क्यूँ अलग हैं ?
कौन है इन दोनों के अलग होने का कारन ?
क्या AAP पार्टी में कोई कमी है जो रामदेव नहीं जुड़ना चाहते ?
क्या रामदेव में कोई कमी है तो केजरीवाल की AAP नहीं जुड़ना चाहती ?
इन सभी सवालों के जवाब आपको मिल सकते हैं अगर आप सोचें नीचे दिए हुए सवालों के बारे में.
- व्यवस्था परिवर्तन कौन सी पार्टी या व्यक्ति देने वाला है इस देश को ?
- जो भी पार्टी आपने चुनी क्या वो देश के सारे अंग्रेजी कानून को हटाएगी ?
- क्या वो पार्टी लोगों पर लगे ६० से ज्यादा टैक्स के जंजाल को ख़तम करके अर्थ क्रांति जैसे टैक्स के प्रस्ताव को लाएगी ? ( http://bharathindustan.blogspot.in/2013/02/tax-free-new-indian-economic-system.html http://bharathindustan.blogspot.in/2013/02/no-to-all-taxes-in-india-except-1-tax.html)
- क्या वो पार्टी भारत में विदेशी निवेश के खिलाफ आवाज़ उठाती है या कभी उठाएगी ?
- क्या कहीं कोई पार्टी विदेशियों के हाथ की कठपुतली होने की वजह से तो स्वदेशी का मुद्दा नहीं उठाती ?
- क्या स्वराज की बात करने वाली पार्टियाँ बिना स्वदेशी के स्वराज स्थापित करने का सिर्फ मॉडल स्वरूप भी दे सकती हैं ?
- क्या जैविक खेती के बिना स्वराज की स्थापना हो सकती है ?
- क्या गौ हत्या के रुके बिना जैविक खेती हो सकती है ?
- क्या गौ हत्या के रुके बिना बायोगैस के प्लांट लग सकते हैं ?
- क्या गौ हत्या रोकने के पीछे के विज्ञानं को समझते है आपके पार्टी वाले ?
- क्या बिना बायोगैस के डीजल और पेट्रोल के इम्पोर्ट बिल को ख़तम किया जा सकता है ?
- क्या फिस्कल डेफिसिट विदेशी कर्ज, विदेशी निवेश और विदेशी कंपनियो की मदद से कम होगा ?
- क्या भारत की अपनी भाषाओँ को संविधान में डाला जायेगा ? हिंदी , बंगाली, तेलुगु, तमिल, गुजरती और भी अन्य प्रांतीय भाषाओँ में देश में सरकार और कोर्ट काम करेंगे ?
- क्या वो पार्टी काले धन पर आवाज़ उठाती है ?
- क्या वो पार्टी राईट to रिकॉल एंड राईट to रिजेक्ट का मॉडल दे सकती हैं ?
- क्या आपस का मन मुटाव देश हित से बड़ा है इन लोगों के लिए ? कौन है जो इन सब मे वो गुनाहगार जो सबको साथ नहीं देखना चाहता.. केजरीवाल , अन्ना , श्री रविशंकर, बाबा रामदेव ?
क्या कोई विदेशी कम्पनी से चलने वाली पार्टी इस देश से विदेशी कंपनियों को भगा सकती है ? भगाना चाहती है ? भारत को ईस्ट इंडिया कम्पनी जैसी विदेशी कंपनियों का उपनिवेश बनाने वाली कौन कौन सी पार्टी हैं ?
इन पार्टियों के नेताओं में से हम सबसे कम किसके बारे में जानते हैं ?
कौन है वो जिसको हम पिछले इलेक्शन तक जानते तक नहीं थे और अचानक ही उसको मसीहा मानने लगे हैं ?
क्या सिर्फ भ्रष्टाचार ही देश का मुद्दा है ?
क्या जब ईस्ट इंडिया कम्पनी ने भारत को ग़ुलाम बनाया था तब भी भ्रष्टाचार ही उसका मुख्य कारन था या विदेशियों को निमंत्रण ?
अपनी अपनी पार्टी के नेताओं से पूछो कुछ सवाल :-
- स्वदेशी के बिना स्वराज कैसे संभव ?
- गौहत्या रुके बिना, स्वावलंबन कैसे संभव ?
- अच्छे लोगों से गठबंधन ना होने का कारन ?
- विदेशी चोर कंपनियों से चंदा क्यूँ ?
- कश्मीर को अलग करने की बकवास क्यूँ ?
- हिन्दू धर्म पर आतंकवाद का इल्जाम क्यूँ ?
Comments
Post a Comment