भारत की ट्रैफिक व्यवस्था का उपाय

हम आप के सामने आज कुछ समाधान प्रस्तुत करेंगे।

हमारे सामने जो समस्या हैं वो इस प्रकार हैं
1 हर लाल बत्ती सिग्नल पर लोग रोड के लगभग बीच में जाकर गाडी रोकते हैं। ज़ेबरा क्रासिंग तो कोई माय्ने ही नही रखती। ट्रैफिक व्यवस्था बिगडती है। एक्सीडेंट बढ़ते हैं।

2 पुलिस वाला जब किसी का चालान करता है तो सामने वाला व्यक्ति चालान के पैसे न देकर 10-20% रिश्वत देकर बचना चाहता है। पुलिस वाले का भी लालच उसे वही करवाता है। नुक्सान राजस्व का, बढ़ता भ्रस्टाचार।

3 जब कोई पुलिस नही होती तो लोग सिग्नल भी तोड़ते हैं और भी कानून तोड़ते हैं ।क्यूंकि हर जगह पुलिस नही हो सकती।

अब इन सबका कोई समाधान है क्या ??

मैं अपना सुझाव देता हूँ
आप अपनी बात जरुर कहियेगा।

सुझाव 1
पुलिस को हर चालान में से कम से कम 25% comisson मिले। चालान ज्यादा कटेंगे। ड्यूटी पर पुलिस वाले ज्यादा समय देंगे। रिश्वत से अच्छा मेहनत की कमाई सबको जमेगी। राजस्व बढेगा। लोग डरेंगे ट्रैफिक नियम तोड़ने से।

सुझाव 2
किसी एक चौराहे के पुलिस वाले को सोशल मीडिया में हीरो बनाया जाये। चौराहे की हालत की तस्वीर ली जाये। पुलिस वाले को समझाया जाये की आप लोगों को सिर्फ 1 हफ्ते समझाएं सभी नियम sign बोर्ड से। फिर एक हफ्ते बाद चालान काटना शुरू। लोग डरेंगे और कानून का पालन करेंगे। उस पुलिसवाले के अच्छे काम को सभी लोग इतना प्रचारित करें की वो सबकी प्रेरणा का स्तोत्र बन जाये।

सुझाव 3
जनता को पुलिस बना दो । जनता को हक हो की जहाँ भी कुछ भी गलत दिखे वो उसकी फोटो या विडियो ट्रैफिक पुलिस को तुरंत भेज सके। फिर उस फोटो विडियो के आधार पर चालान काटा जाये और उसका 25% इनाम के तौर पर उस जनता को दिया जाये। उसका सम्मान किया जाये। (अगर वो गुमनाम रहना चाहे तो गुमनाम रहे). हर जगह हर कोई सतर्क रहेगा। गलती करने से पहले सोचेगा।

देश जागरूक होगा
सब जिम्मेदारी समझेंगे
सब हिस्सा बनेंगे सुधार का
और देश बदलेगा

इसी तरफ हम सफाई पर कड़े नियम लाकर
जनता को पुलिस बनाकर
देश सुधार में भागिदार बना सकते हैं

जनता बदलेगी तो देश बदलेगा

जय हिन्द जय भारत
वन्दे मातरम

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