शहरी लोग की गौ रक्षा

आज एक सन्देश पढ़ा की शहरी लोग अगर गाय न रख सके तो गौशाला में दान करें।

पूर्णतः सहमत हूँ लेकिन कुछ और भी करना जरुरी है।

पहले आपको कुछ आँखों देखा अनुभव बताता हूँ फिर आप ही बताइयेगा की हम और क्या करें।

1 गाय के लिए दान मांगने वाले लोग उस दान से हर साल नयी नयी गाड़ियां खरीदते हैं ।
2 दान के पैसे से जर्सी गाय खरीदते हैं, उनका दूध निकाल कर बेचते हैं, ख़ास बात दूध को देसी गौ माता का कहकर बेचते हैं।
3 दान के पैसे से गाय के शेड कम, अपनी और अपने चेले चपाटों के पक्के घर बनवाते हैं ।
4 दान के पैसे से ट्रेक्टर jcb खरीदते हैं और उससे गौ शाला का काम छोड़कर , बाहर किराये पर भेजते हैं और हराम का पैसा कमाते हैं।
5 कुछ लोग तो जर्सी गाय का मूत्र भी बोतलों में भरकर देसी गौ माता का फोटो चिपकाकर बेच रहे हैं। कभी डायबिटीज की दवाई तो कभी कैंसर की दवाई के रूप में। कितनी ही औषधि बनाते हैं नकली वाली और जनता जो गौ भक्त है वो अंधभक्ति में ले लेती है।

ये सब सिर्फ कुछ उदहारण है।

इन सबका ये अर्थ बिलकुल नही की गाय के लिए दान न दो या दवा न लो।

बल्कि आपको और जागृत करना है की जहाँ आपने दान दिया वहां उस पैसे से क्या हुआ। आप ने जो पैसा दिया उसका क्या उपयोग हुआ।

क्या नयी नयी गाडी खरीदी जा रही है ?
क्या जर्सी गाय खरीदी जा रही है ?
क्या जर्सी गाय का पालन किया जा रहा है ?
क्या हवाई यात्रायें दान के पैसे से हो रही हैं ?

आप एक गाउ माता का दान कीजिये, उनके लिए भोजन और सब रहन सेहन का इंतजाम करे। हर हफ्ते 10 दिन में गौ माता के दर्शन को जाएँ और गौशाला का निरिक्षण करें।

सिर्फ पैसा देकर गौ माता की रक्षा नही हो सकती।कृपया समय भी दान करें। कोशिश करें की गौशाला से पूछें की वो दान की जमीन का चारा उगाने के  लिए उपयोग क्यूँ नही कर रहे ?
उनसे पूछें की बायो गैस प्लांट क्यूँ नही लगवाया या क्यूँ नही चलवाते। गोबर का क्या करते हैं ? खाद के रूप में क्यूँ नही बनाकर किसानों को देते।

Comments

Popular posts from this blog

धर्म के दस लक्षण

कट्टर सोच की अँधेरी गुफा

101 स्वदेशी चिकित्सा 1 राजीव दीक्षित