भारत में मुस्लिम इतिहास और योगदान



मुहम्मद बिन कासिम से बहादुरशाह जफ़र तक के ११०० वर्षीय कालखंड में अरब, तुर्क, ईरान, अफगान, इराक, कजाक, और उज़बेक ने भारत पर आक्रमण किया था और शासन किया था.

क्या भारत को लूटना, इस देश के भवनों को ध्वस्त करना, इस देश के मंदिरों को मस्जिदों व् मकबरों में परिवर्तित करना, यहाँ के महिलायों पर बलात्कार करना, अन्य बाहरी देशो में गुलाम के रूप में यहाँ के बालक और बालिकाओं को उपहरण करके बेचना, तथा पुरुषो की सैकड़ो की संख्या में हत्या करना... क्या ये योगदान हो सकता है ???

भारतीय महिलाओं ने लगभग प्रत्येक आक्रमण के समय जौहर क्यूँ किया ?? क्या वो सिर्फ मजाक था ???

ये सभी आक्रमणकारी अवांछनीय और बिना बुलाये मेहमान थे.

एक साधारण सा उदहारण लेते हैं,

एक डाकुओं और लुटेरों का दल किसी गाँव पर हमला करे, उसकी दौलत को लूटकर, औरतों पर बलात्कार कर, पुरुषों की हत्या कर, बच्चे बचियों का उपहरण करके दुसरे शहर में बेच देना, उनके धर्म के मंदिरों को तोड़कर अपने धर्म की जबरदस्ती पूजा करवाना, लोगों का धर्मान्तरण करवाना,

क्या ये सब डाकुओं का योगदान होगा उस गाँव के प्रति ???

क्या उनके इस अदितीय योगदान के लिए उनको आप प्रशस्ति पात्र देकर सम्मानित करेंगे ???

क्या आप उन्हें अपने गाँव में रहने का हक़ देंगे ???

क्या आप उन्हें अपने गाँव की सरपंच की राजनीती में हिस्सा देंगे ???

क्या आप उनकी भाषा को गाँव की भाषा बनायेंगे ???

क्या आप उनकी वेशभूषा को जो की पपरिस्थिथि के अनुसार होती है उसको जबरदस्ती अपनाएंगे ???

इन लोगों ने भारत को हर प्रकार से ध्वस्त , विनष्ट किया, और इसकी समृद्धि को लूटकर इस देश को झुग्गी झोपड़ियों की घनी बस्तियों, कच्ची पक्की, टूटी फूटी गंदे मुहल्लों में, नितांत दरिद्रता का देश बना दिया.

मुस्लिम अलबरूनी लेखक ने (जो मुहम्मद गजनी के साथ आया था), स्वयं स्पष्ट शब्दों में कहा है की मुहम्मद गजनी ने हिन्दुओं का जीवन क्षार क्षार कर दिया था और उनका जीवन हवा में उड़ा दिया था.

महाराज शिवाजी को भारतीय लोग इश्वर प्रेरित और संरक्षण देने वाला महामानव क्यूँ मानते रहे ? किसके खिलाफ उन्होंने आवाज उठाई थी और किसलिए बलिदानी हुए ???

भारत की सबसे बड़ी विडंबना येही है की हम अपने देश के बलिदानियों का इतिहास सही से जानते नहीं, बल्कि अपने आक्रमणकारियों को अपना भाई मानकर उनकी आवभगत में अपना जीवन लगा रहे हैं.

भारत का इतिहास जो लिखा गया वो इसके दुश्मनों द्वारा ही लिखा गया. वोही हम सब पिछली ५-७ पीदियों से पढ़ रहे हैं और हम सबका मानसिक विचार और सोच पूरी तरह झूठे इतिहास से भर दी गयी है. आज की हमारी सरकार और उनका परिवार भारतीय मूल का नहीं है, वो भी इसाई और मुसलमान हैं. ऐसे लोग भारत को लुटने का ही काम करेंगे या फिर भारत के लोगों के उत्थान के लिए ये फैसला आप कीजिये..


भारत का असली इतिहास पढने के लिए, जानने के लिए


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धर्मपाल जी की पुस्तकें पढ़ें,

प.न. ओक की पुस्तकें पढ़ें.

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