त्यौहार मानव-जीवन का एक अभिन्न अंग हैं ,तभी तो विश्व का कोई ऐसा देश नहीं जहाँ कोई त्यौहार न मनाया जाता हो |हमारे देश भारत में तो त्योहारों की भरमार है और हो भी क्यों न ? त्योहार ही तो हैं जो आंतरिक एवं बाह्य दोनों तरह की शुद्धि सहज ही करवा देतें हैं, प्रेम का संदेश प्रसारित करते हैं तथा मन की शान्ति को पुनःस्थापित कर कर्मशीलता को सक्रिय किया करते हैं |यहाँ तक कि “विश्व-बन्धुत्त्व” की नींव को मजबूत करने में भी त्योहारों का योगदान अत्यंत उल्लेखनीय है | वस्तुतः,हमारे देश में कई तरह के त्यौहार मनाये जाते हैं –कुछ “धार्मिक” जैसे- मकर-संक्रान्ति, शिव-रात्रि ,होली, राम-नवमी, गुरु-पूर्णिमा, रक्षाबंधन , कृष्ण जन्माष्टमी, गणेशोत्सव, नवरात्र, दशहरा ,करवा-चौथ, छठ पूजा, दीपावली, गोवर्धन-पूजा , गुरु नानक जयंती |कुछ राष्ट्रीय-त्यौहार अर्थात् जिन्हें सम्पूर्ण राष्ट्र मिलकर मनाता है; जैसे – गणतंत्र-दिवस, स्वतन्त्रता-दिवस एवं भारतीयों को “जय जवान जय किसान” का नारा देने वाले हमारे भूतपूर्व प्रधानमंत्री श्री लाल बहादुर शास्त्री जी का जन्म-दिवस, डा.अम्बेडकर जयंती, सरदार पटेल जयंती | कुछ फसलों से सम्बन्धित-...