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Showing posts from July, 2015

अर्थाक्रंती से व्यक्ति विशेष को क्या लाभ ?

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Individual Benefits I am businessman, What will I get from Arthakranti? No separate arrangement for tax payment. Tax is directly paid to government against every transaction. So business life will be stress free and tension free from arrangement of tax payments. Easy availability of capital. Capital is freely available, because the credibility of a person will be clearly established by the transactions in his account. Banks may no longer need to demand excessive collateral, and credentials for lending. Increase in foreign investments. Corruption is practically eliminated because the currency and networks of the parallel economy have been destroyed. The transparent and corruption-free taxation system will encourage foreign investment. Businesses, which are beneficial to the nation, can be allowed and the government can prevent those deemed harmful. This foreign investment would prove to be a booster to the national development. Fair and healthy business competition. With uniform taxatio...

हमारा उद्देश्य और योजना

हमारा उद्देश्य 1 लोगों को देश से जुड़े सभी आवश्यक मुद्दों पर जागरूक करना । (यानि सभी लोगों को समझाना, जैसे भाई राजीव दीक्षित जी करते थे). 2 जागरूक लोगों के द्वारा केंद्र सरकार , राज्य सरकार और लोकल अथॉरिटी पर जनता के द्वारा निवेदन करके दबाव बनाना, की जनता के हित के लिए निम्न कार्य किये जाएं। कैसे करेंगे जागरूक लोगो की जो फ़ौज बनानी है वो कम से 1 लाख लोग होने जरूरी हैं। जागरूक लोग मतलब जो मुद्दों को समझे उसके फायदे नुक्सान को समझे और तर्क संगत बात करें। यह 1 लाख जागरूक लोग किसी एक आदमी के संचालन से नही चल सकते। इसके लिए हर एक व्यक्ति को नेतृत्व करना होगा। हर व्यक्ति कम से कम 10 नये व्यक्ति को जोड़ेगा. हर व्यक्ति की जिम्मेदारी सिर्फ 11 लोगों की होगी। 1 वो जिसने उसको जोड़ा 10 वो जिसको उसने स्वयं जोड़ा इस तरह ये चैन बनाई जाये और देश के सभी मुद्दों पर कार्य किया जाये। सरकार को मजबूर किया जाये जन प्रिय योजनाओ के लिए। जैसे शुरुआत हम कर रहे हैं टैक्स सिस्टम में बदलाव को लेकर। आपको सिर्फ 10 व्यक्ति जोड़ने हैं और 1 व्यक्ति को जवाब देना है। 1 10 100 1000 10000 100000 आप सभी को एक नंबर दिया जायेगा ज...

अर्थक्रांती प्रस्ताव

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अर्थक्रांती प्रस्ताव 1 (All Taxes and Duties of Central ,State and Local body Government except customs or import duties which functions as International Trade Balancer). सभी तरह के टैक्स ख़तम किये जायें (सिवाय 1 कस्टम ड्यूटी के, क्यूंकि कस्टम ड्यूटी विदेश से आने वाले सस्ते उत्पादों पर लगे जाती है ताकि स्वदेशी उद्योगों को नुक्सान न हो और देश के उद्योग बढ़े) This deduction is to be effected on receiving/credit accounts only. This deducted amount will be credited to different Government levels like Central, State and Local (say 0.7%, 0.6%, 0.35% respectively). Transacting Bank will also have its share in this amount as the bank has a key role to perform (say 0.35%). 2 एक नया टैक्स (सिर्फ 1 टैक्स) लगाया जाये. जो की बैंक में जमा होने वाली हर रकम पर लगे. 2% जमा रकम पर (जमा का मतलब जब भी आपके खाते में कहीं से भी पैसे आयेंगे तो 2% कट कर ही आयेंगे.) बैंक से पैसा निकलने पर या खर्चने पर कोई टैक्स आप पर नहीं लगेगा. (सैलरी एक साल में आई 2 लाख रूपये तो आपको सिर्फ और सिर्फ 2*2%=4000 रूपये का टैक्स लगे...

No to All Taxes in India except 1 Tax of 2% BTT

आपको मैं सीधे और आसान भाषा में समझाने की कोशिश करूँगा. भारत का सालाना बजट है 14 लाख 90 हज़ार करोड़ रूपये ( http://indiabudget.nic.in/glance.asp ) मोटा मोटा 15 लाख करोड़ रूपये मान लेते हैं. जो टैक्स से और नॉन टैक्स से आता है. हम मान लेते हैं सारा का सारा टैक्स से ही आता है.  हमारा प्रस्ताव:-  (भारत के सब तरह के टैक्स ख़तम सिवाय कस्टम और इम्पोर्ट ड्यूटी के) 2% बैंकिंग Transaction टैक्स (हर जमा राशी पर) कैश जमा रूपये 2000 तक टैक्स माफ़  करेंसी नोट ज्यादा से ज्यादा रूपये 50 का. फायदे सोचिये:- नुक्सान बताइए :- आखरी महत्वपूर्ण सवाल की ये 15 लाख करोड़ टैक्स ख़तम तो कर दिया, देश को चलने के लिए पैसा कहाँ से आएगा. अब समझिये. ये रिपोर्ट है RBI की   http://rbidocs.rbi.org.in/rdocs/ECB/docs/RTD05012013F.xls   इस रिपोर्ट में RTGS यानि 2 लाख से अधिक अमाउंट का बैंक ट्रान्सफर की डिटेल है जनवरी २०१३ की. इसके अनुसार 58002 *100(१ बिलियन में 100 करोड़ होते हैं) यानि (58,00,200) करोड़ रूपये की इनवर्ड एंट्री हुई, और इतने ही पैसे की आउटवर्ड. लाइन नंबर 159 देखें. हम मान ले की बस येही है...

Arthkranti Simple solution is a problem for Economists.

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हमारे प्रस्तावों की सरलता ही हमारी दिक्कत है - अनिल बोकिल Monday, 15 August 2011 19:39 दिनेश चौधरी भड़ास4मीडिया -   लाइफस्टाइल अनिल बोकिल :   बातचीत   : 'अपनी आवश्यकता से अधिक वस्तुओं का संग्रह भी चोरी है।' गांधीजी की इस उक्ति को अपने जीवन में अक्षरश: उतारने वाले अनिल बोकिल, 175 लाख करोड़ के घोटालों के युग में एक अजूबे की तरह हैं। उनसे फोन पर दिनेश चौधरी की हुई लंबी बातचीत के संपादित अंश यहां प्रस्तुत हैं: 'अर्थक्रांति' का विचार मन में कैसे आया? - योजनाबद्ध तरीके से तो नहीं आया। यह भी नहीं कह सकते कि अचानक कहीं से कोई प्रेरणा हासिल हुई हो। बस एक बार मन में यह विचार आया तो इस पर आगे बढ़ते गये। कुछ मित्रों से बात की और बहुत जल्दी ही पूरा ढांचा तैयार हो गया। क्या आपको लगता है कि जनलोकपाल की तरह केवल 'अर्थक्रांति' से भ्रष्टाचार पर नकेल कसी जा सकती है? लोकपाल का सरोकार एक कानून से है जो वर्तमान व्यवस्था में भ्रष्टाचारियों को दण्डित कर पायेगा। हमारा मानना यह है कि अगर किसी व्यवस्था में खामी है तो आप कितने भी कड़े कानून क्यों न बना लें, इन सब बुराइयों से नहीं बच सकते। ले...

Tax free New Indian Economic System

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Bhushan Panchbhai सारे टैक्स माफ कर दें तो आएगी क्रांति! प्रणव प्रियदर्शी Friday August 31, 2012 लंबे अर्से बाद उस दिन अतुल देशमुख से मुलाकात हुई। नागपुर के रहने वाले अतुल पेशे से चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं। उनके साथ औरंगाबाद के अनिल बोकिल भी थे। अनिल से मेरी यह पहली मुलाकात थी। पता चला दोनों बाबा रामदेव से मिलने दिल्ली आए हैं (जो उन दिनों रामलीला मैदान में डटे हुए थे)। बाबा से मिलने की कोई खास वजह? आजकल हम हर उस शख्स से मिल रहे हैं जो हमारी अर्थ क्रांति के प्रस्तावों से सहमत हो सकता है और उसे आगे बढ़ाने में मददगार हो सकता है। जवाब अतुल ने दिया, लेकिन अनिल बोकिल भी उसमें शामिल थे। अब यह अर्थक्रांति क्या बला है? अब तक तरह-तरह की क्रांतियों के नाम सुन-सुनकर कान पक चुके हैं। टीम अन्ना भी अनशन के ताजा दौर को जारी नहीं रख सकी अनशन समाप्त करने के लिए क्रांति की घोषणाओं की ही आड़ ली। बाबा रामदेव भी कोई न कोई क्रांति ही करने वाले हैं। अब आप यह नई अर्थ क्रांति लेकर आए हैं। क्या है इसमें और क्यों सुनूं मैं? आप तो इसलिए सुनेंगे क्योंकि देश और समाज की जो मौजूदा दशा और दिशा है उससे आप असंतुष्ट हैं। दूस...

काला धन खत्म करने के कुछ उपाय

देश में काले धन के मुख्य स्तोत्र हैं 1 चन्दा (धार्मिक संस्थाओ को, शिक्षण संस्थाओ को) 2 सट्टेबाज़ी क्रिकेट इत्यादि खेलो में 3 शेयर बाजार की नकली कम्पनियो द्वारा अगर चंदे की इनकम ...

प्रधानमन्त्री कौशल विकास योजना

क्या आप गरीबो को रोजगार देना चाहते हो ? क्या आप जरूरतमन्दों को उपयुक्त ट्रेनिंग के माध्यम से स्वावलम्बी बनाना चाहते हो ? मोदी जी ने प्रधानमन्त्री कौशल विकास योजना की शुरुआ...

आर्य द्रविड़ theory मूर्खता का प्रमाण

अंग्रेजो ने बताया पढ़े लिखे मूर्खो ने माना आर्य और द्रविड़ अलग अलग संस्कृति हैं। आर्य भारत में बाहर से आये और उत्तर भारत को बसाया। जबकि दक्षिण भारत को द्रविड़ों ने बसाया। सत्...

मंगोलिया में भी था सनातन धर्म

Genghis Khan Changej khan चंगेज खान यह सुनते ही आपको लगता है की कोई मुस्लिम शासक. लेकिन असल में ऐसा है नहीं.. और अगर आपको पता चले की खान शब्द मुस्लिम या अरबी ही नहीं है तो कैसा लगेगा ??? खान शब्द मुस्लिम नही है..  मंगोलिया देश में खान का अर्थ होता है chief (मुखिया), सरदार, लीडर चंगेज (genghis) का मतलब universal (सारे विश्व का) चंगेज खान एक leader था वह किस धर्म को पूजता था ? इस्लाम ?? कदापि नहीं... वह पहाड़ को आसमान को पूजते थे, बिजली से (आसमानी बिजली) डरते थे और उसको देवता मानते थे.. इन बातों से और कुछ स्पष्ट हो न हो, यह  स्पष्ट होता है की वो मुसलमान या इस्लाम को मानने वाले तो बिलकुल भी नहीं थे. आज के लोग भी इस बात को मानते हैं की मंगोलिया में shamnism religion था जो की हिन्दू धर्म का ही अंग था.. आप यह विकिपीडिया पर पढ़ सकते हैं.  India and Nepal Main articles:  Shaktism  and  Shaivism Further information:  Tantra Tantra ,  Shaktism  is sometimes considered as a Shaman sect of Hinduism. Also various sub-sects of Shaivism tend to practice Shama...

नमक और आयुर्वेद

समुद्री और सेंधा नमक के दाम मे इतना अधिक अंतर है जिसके कारण लोग समुद्री नमक खरीद्ते हैं । समुद्री नमक जहां नौ रु किलो है तो सेंधा नमक का दाम रु ४० प्रति किलो है । सेंधा नमक समुद्री नमक से कम नमकीन होता है । साफ़ है कि इसका अधिक उपयोग करना पडता है ।और इसीलिये लाख उपयोगी होने के बावजूद लोग इसकी जगह समुद्री नमक से ही चला लेते है । पर अगर उच्च रक्तचाप जैसी बीमारियाँ हुई तो इसके इलाज में जो हज़ारो रुपये खर्च होंगे ; इसकी तुलना में दाम का ये फर्क कुछ भी नहीं । नमक और आयुर्वेद नमक हमारे शरीर के लिये बहुत जरूरी है। इसके बावजूद हम सब घटिया किस्म का नमक खाते है। यह शायद आश्चर्यजनक लगे , पर यह एक हकीकत है । = नमक विशेषज्ञ एन के भारद्वाज का कहना है कि भारत मे अधिकांश लोग समुद्र से बना नमक खाते है । श्रेष्ठ प्रकार का नमक सेंधा नमक है, जो पहाडी नमक है । = प्रख्यात वैद्य मुकेश पानेरी कहते है कि आयुर्वेद की बहुत सी दवाईयों मे सेंधा नमक का उपयोग होता है।आम तौर से उपयोग मे लाये जाने वाले समुद्री नमक से उच्च रक्तचाप का भय रहता है । इसके विपरीत सेंधा नमक के उपयोग से रक्तचाप पर नियन्त्रण रहता है । इसकी शुध...

केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय गोकुल मिशन का आरंभ किया

Who:  केंद्र सरकार Where:  नई दिल्ली What:  केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने राष्ट्रीय गोकुल मिशन का आरंभ किया. When:  28 जुलाई 2014 केंद्र सरकार ने 28 जुलाई 2014 को स्वदेशी गायों के संरक्षण और नस्लों के विकास को वैज्ञानिक तरीके से प्रोत्साहित करने के लिए राष्ट्रीय गोकुल मिशन (राष्ट्रव्यापी योजना) की शुरुआत की. यह मिशन राष्ट्रीय पशु प्रजनन एवं डेयरी विकास कार्यक्रम (एनपीबीबीडीडी) पर केन्द्रित परियोजना है. इस मिशन का शुभारंभ केंद्रीय कृषि मंत्री राधामोहन सिंह ने नई दिल्ली में किया. मिशन के उद्देश्य स्वदेशी नस्लों का विकास और संरक्षण. स्वदेशी पशु नस्लों के लिए नस्ल सुधार कार्यक्रम शुरु करना ताकि अनुवांशिक सुधार और पशुओं की संख्या में वृद्धि की जा सके. दूध उत्पादन और उत्पादकता को बढ़ाने के लिए. नॉन–डेसक्रिप्ट पशुओं का गिर, साहीवाल, राठी, देउनी, थारपारकर, रेड सिन्धी और अन्य कुलीन स्वदेशी नस्लों के जरिए अपग्रेडेशन करना. प्राकृतिक सेवाओँ के लिए उच्च आनुवंशिक योग्यता वाले सांडों का वितरण. इस परियोजना के लिए सरकार ने वित्त वर्ष 2014–15 में 150 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं...